Dog Case/नई दिल्ली:- सुप्रीम कोर्ट ने भटके कुत्तों के मामले में अपने पिछले आदेशों में संशोधन की मांग वाली याचिकाओं पर बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की तीन सदस्यीय बेंच ने इस मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में आदेश दिया था कि भटके कुत्तों को स्कूलों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से हटाकर उन्हें निर्धारित आश्रयों में रखा जाए। लेकिन अब इस आदेश में संशोधन की मांग की जा रही है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि भटके कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकारों को ठोस कदम उठाने होंगे। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा बल्कि जमीन पर काम करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि भटके कुत्तों के कारण लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए यह जरूरी है कि उन्हें नियंत्रित किया जाए। लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें उचित इलाज और भोजन मिले।
इस मामले में सुनवाई के दौरान कई पक्षों की ओर से तर्क रखे गए। जहां एक ओर कुछ लोगों ने भटके कुत्तों को हटाने की मांग की, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें नियंत्रित करने के लिए अन्य तरीके अपनाए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही पता चलेगा कि भटके कुत्तों के मामले में आगे क्या होगा। लेकिन इतना जरूर है कि यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट के हाथ में है और जल्द ही इस पर फैसला आने की उम्मीद है।