Karnataka CM /बेंगलुरु:- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारामैया को बड़ी राहत देते हुए एक विशेष अदालत ने बुधवार को मूडा मामले में उनके और उनके परिवार के खिलाफ दायर क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। यह मामला मूडा द्वारा सिद्दारामैया की पत्नी बीएम पार्वती को 14 आवासीय प्लॉट आवंटित करने से संबंधित है। मूडा मामले में सिद्दारामैया, उनकी पत्नी पार्वती, उनके भाई-बहन मलिकार्जुन स्वामी और जमीन मालिक जे देवराज के खिलाफ आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि मूडा ने पार्वती को 3.16 एकड़ जमीन के बदले में 14 आवासीय प्लॉट आवंटित किए थे जिसकी कीमत लगभग 56 करोड़ रुपये थी।
लोकायुक्त पुलिस ने फरवरी 2025 में इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी जिसमें कहा गया था कि सिद्दारामैया और उनके परिवार के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। विशेष अदालत ने बुधवार को इस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया और सिद्दारामैया और उनके परिवार को क्लीन चिट दे दी। इस फैसले के बाद सिद्दारामैया ने कहा कि यह उनके और उनकी सरकार के लिए बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित था और उनके खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं था।
मूडा मामले में सिद्दारामैया के खिलाफ आरोप लगाने वाले आरटीआई कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि वह सिद्दारामैया और उनके परिवार को न्याय के कटघरे में खड़ा करने के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। यह मामला कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया था और सिद्दारामैया की सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन अब विशेष अदालत के फैसले के बाद, सिद्दारामैया की सरकार को बड़ी राहत मिली है।