Federal Reserve : डोनाल्ड ट्रम्प ने की घोषणा: 30 जनवरी को होगा फेडरल रिजर्व चेयरमैन के नाम का ऐलान

Federal Reserve/वाशिंगटन:- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को घोषणा की कि वे शुक्रवार, 30 जनवरी को फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन के नाम का ऐलान करेंगे। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब ट्रम्प और वर्तमान फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बीच तनाव बढ़ गया है।

ट्रम्प ने कहा, “मैं कल सुबह फेड चेयर की घोषणा करूंगा। यह एक बहुत ही सम्मानित व्यक्ति होगा, जो वित्तीय जगत में सबको पता होगा। मैं सोचता हूं कि यह एक बहुत अच्छा विकल्प होगा।” ट्रम्प ने हालांकि अपने पसंदीदा उम्मीदवार के नाम का खुलासा नहीं किया, लेकिन कहा कि “बहुत से लोग सोचते हैं कि यह व्यक्ति कुछ साल पहले भी इस पद पर हो सकता था”। इस घोषणा से पहले ही कई नाम सामने आ चुके हैं, जिनमें केविन वार्श, क्रिस्टोफर वालर, रिक राइडर और केविन हैसेट शामिल हैं। वार्श, जो पहले फेडरल रिजर्व के गवर्नर रह चुके हैं, को सबसे आगे माना जा रहा है।

फेडरल रिजर्व के चेयरमैन का पद बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह व्यक्ति अमेरिकी अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ट्रम्प ने पहले ही पॉवेल पर ब्याज दरों को कम करने के लिए दबाव डाला है लेकिन पॉवेल ने कहा है कि वे स्वतंत्र निर्णय लेंगे। ट्रम्प की घोषणा से पहले ही बाजार में हलचल मच गई है। निवेशक इस बात का इतंजार कर रहे हैं कि ट्रम्प किसे चुनते हैं और इसका अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

फेडरल रिजर्व के चेयरमैन के नाम की घोषणा से पहले ही कई विश्लेषकों का कहना है कि ट्रम्प का यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होगा। अगर ट्रम्प कोई ऐसा व्यक्ति चुनते हैं जो ब्याज दरों को कम करने के पक्ष में है, तो इससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सकता है। लेकिन अगर वे कोई ऐसा व्यक्ति चुनते हैं जो ब्याज दरों को स्थिर रखने के पक्ष में है तो इससे अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

पॉवेल ने कहा है कि वे अपने उत्तराधिकारी को सलाह देंगे कि वे राजनीति से दूर रहें और स्वतंत्र निर्णय लें। पॉवेल का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है, लेकिन वे 2028 तक फेडरल रिजर्व के बोर्ड में बने रह सकते हैं।ट्रम्प की घोषणा से पहले ही कई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम उनके लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अपनी आर्थिक नीतियों को आगे बढ़ाना चाहते हैं। लेकिन यह भी देखना होगा कि सीनेट में इस नाम को मंजूरी मिलती है या नहीं।

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