नई दिल्ली :- किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी काबिलियत और समर्पण से चमत्कार कर दिखाया है। तीन साल की एक मासूम बच्ची के दिमाग में फंसी गोली को जटिल सर्जरी के जरिए सुरक्षित बाहर निकालकर डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली। यह मामला न सिर्फ चिकित्सा जगत में बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार बच्ची गंभीर हालत में KGMU लाई गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसके दिमाग के भीतर एक गोली मौजूद है जो लगातार खतरा पैदा कर रही थी। स्थिति बेहद नाजुक थी क्योंकि जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे में न्यूरोसर्जरी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और सर्जरी का फैसला लिया।
डॉक्टरों ने पूरी सावधानी और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ऑपरेशन किया। कई घंटों तक चली सर्जरी के बाद गोली को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि बच्ची की हालत धीरे धीरे स्थिर होने लगी और अब वह डॉक्टरों की निगरानी में सुरक्षित है।
KGMU के वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि इतनी कम उम्र के बच्चे के दिमाग में इस तरह की सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण होती है। टीमवर्क अनुभव और समय पर लिए गए फैसलों की वजह से यह संभव हो सका। उन्होंने बताया कि बच्ची के पूरी तरह स्वस्थ होने की उम्मीद है।
परिवार ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन का आभार जताया है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सरकारी मेडिकल संस्थानों में भी विश्वस्तरीय इलाज संभव है। KGMU के डॉक्टरों की यह सफलता न सिर्फ एक जान बचाने की कहानी है बल्कि हजारों लोगों के लिए भरोसे की नई उम्मीद भी है।