Pancreatic cancer /नई दिल्ली: पैंक्रियाटिक कैंसर एक घातक बीमारी है जिसका इलाज ढूंढना मुश्किल माना जाता है। लेकिन हाल ही में स्पेन के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में पैंक्रियाटिक कैंसर के इलाज में एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने माउस में पैंक्रियाटिक कैंसर को पूरी तरह से खत्म करने के लिए एक तिहरी दवा का इस्तेमाल किया है।
यह अध्ययन प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (PNAS) में प्रकाशित हुआ है, और इसके नतीजे बहुत ही उत्साहजनक हैं। अध्ययन में पाया गया कि तिहरी दवा ने पैंक्रियाटिक कैंसर के ट्यूमर को पूरी तरह से खत्म कर दिया और माउस में कोई साइड इफेक्ट नहीं देखा गया।पैंक्रियाटिक कैंसर क्यों है इतना घातक? पैंक्रियाटिक कैंसर एक घातक बीमारी है जिसका इलाज ढूंढना मुश्किल माना जाता है। इसके कई कारण हैं जिनमें से एक है इसका देर से पता चलना। पैंक्रियाटिक कैंसर के लक्षण अक्सर देर से दिखाई देते हैं जब तक कि यह बीमारी बहुत ज्यादा बढ़ नहीं जाती।
एक अन्य कारण है इसका घातक स्वभाव। पैंक्रियाटिक कैंसर बहुत तेजी से फैलता है, और इसका इलाज करना मुश्किल होता है। इसके अलावा, पैंक्रियाटिक कैंसर के इलाज के लिए उपलब्ध दवाएं भी बहुत प्रभावी नहीं होती हैं। तिहरी दवा का इस्तेमाल इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने एक तिहरी दवा का इस्तेमा जिसमें तीन अलग-अलग दवाएं शामिल थीं। इन दवाओं ने पैंक्रियाटिक कैंसर के ट्यूमर को पूरी तरह से खत्म कर दिया और माउस में कोई साइड इफेक्ट नहीं देखा गया।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अध्ययन पैंक्रियाटिक कैंसर के इलाज में एक बड़ा कदम है लेकिन अभी भी बहुत सारे अध्ययन करने होंगे इससे पहले कि यह इलाज इंसानों पर इस्तेमाल किया जा सके। पैंक्रियाटिक कैंसर के लक्षण पैंक्रियाटिक कैंसर के लक्षण अक्सर देर से दिखाई देते हैं लेकिन कुछ लक्षण हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए:
– पेट में दर्द
– वजन कम होना
– जुकाम और पीला होना
– मल में रक्त आना
– भूख न लगना