जौनपुर (उत्तर प्रदेश):- जौनपुर, उत्तर प्रदेश में मौसम के लगातार बदलते तेवरों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को सुबह करीब 8 बजे के बाद आसमान में बादल छा गए, दोपहर करीब 2 बजे तक धूप और छांव का दौर चलता रहा, इसके बाद घने बादल छा गए जो शाम तक बने रहे। साथ ही सीत भरी पछुआ हवा चलने से ठंड में फिर से इजाफा हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि बीते दिनों की तुलना में गलन थोड़ी कम रही, लेकिन ठंडी हवा के कारण हाथ-पैर में ठिठुरन साफ महसूस की गई। हवा और बादलों की वजह से धूप भी बेअसर साबित हुई।
पिछले लगभग 10 दिनों से ठंड और गलन से आम जनजीवन को राहत मिली हुई थी, लेकिन बीते तीन दिनों में एक बार फिर ठंड की वापसी ने लोगों को सतर्क कर दिया है। कोहरे और ठंड का असर न सिर्फ आम जीवन पर पड़ रहा है, बल्कि खेती-किसानी, पशुपालन, व्यापार और स्वास्थ्य सभी क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों का कहना है कि जहां गेहूं की फसल के लिए ठंड और कोहरा कुछ हद तक लाभदायक माना जाता है, वहीं दलहनी और तिलहनी फसलों के लिए यह मौसम नुकसानदायक साबित हो सकता है। लगातार बादल और कोहरे की स्थिति बनी रही तो इन फसलों में रोग और कीट लगने का खतरा बढ़ जाएगा।
मौसम की इस अनिश्चितता ने किसानों को सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया है। कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि किसान अपनी फसलों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर समय रहते उचित उपाय अपनाएं, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।