नई दिल्ली :- संसद परिसर की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। लोकसभा सचिवालय ने दावा किया है कि संसद के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले की साजिश रची गई थी और इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सचिवालय के अनुसार इस दौरान महिला सांसदों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया जिससे हालात और भी संवेदनशील हो गए।
लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संसद की कार्यवाही के दौरान जानबूझकर ऐसा माहौल बनाया गया जिससे सुरक्षा एजेंसियों को कार्रवाई करने में कठिनाई हो। आरोप है कि कुछ सांसदों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की और इस दौरान महिला सांसदों को आगे कर दिया गया ताकि किसी भी सख्त कदम से बचा जा सके। इस पूरे घटनाक्रम को संसद की गरिमा और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया गया है।
इस दावे के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। सत्तापक्ष ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का उदाहरण बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि संसद जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की रणनीति न केवल गैर जिम्मेदाराना है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी खिलवाड़ है।
वहीं कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह बयान विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है और सुरक्षा के नाम पर राजनीतिक बदले की भावना से काम लिया जा रहा है। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस विवाद ने संसद की सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक मर्यादाओं पर नई बहस छेड़ दी है। जानकारों का मानना है कि अगर आरोप सही हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं अगर यह राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का हिस्सा है तो इससे संसद की गरिमा को गहरा नुकसान पहुंचता है। फिलहाल देश की नजरें इस पूरे मामले पर और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।