पटना (बिहार):- बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। राज्य में जल्द ही 44 हजार से अधिक शिक्षकों की बहाली की जाएगी। इस फैसले से स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा। नीतीश सरकार शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह बहाली प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य के प्राथमिक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई की व्यवस्था और मजबूत होगी। लंबे समय से शिक्षक नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह खबर बड़ी राहत मानी जा रही है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि शिक्षा की पहुंच भी हर वर्ग तक सुनिश्चित हो सकेगी।
गौरतलब है कि बीते दो वर्षों में नीतीश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। तीन चरणों में अब तक 2 लाख 27 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। इतनी बड़ी संख्या में बहाली से राज्य के सरकारी स्कूलों में छात्र शिक्षक अनुपात में भी सुधार आया है और पढ़ाई की गुणवत्ता पर सकारात्मक असर देखने को मिला है।
राज्य सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक विकास की मजबूत नींव है। इसी सोच के तहत स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के साथ साथ योग्य शिक्षकों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशिक्षण और मॉनिटरिंग व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है ताकि नियुक्त शिक्षक बच्चों को बेहतर शिक्षा दे सकें।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही शिक्षक बहाली से बिहार की छवि शिक्षा के क्षेत्र में धीरे धीरे बदल रही है। आने वाले समय में जब नई नियुक्तियां पूरी होंगी तो राज्य में शिक्षा का स्तर और ऊंचा होने की उम्मीद है। यह पहल बिहार के भविष्य को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।