लखनऊ(उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश में यूजीसी से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेज परिसरों में इस मुद्दे को लेकर लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला बनारस हिंदू विश्वविद्यालय का है जहां छात्रों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि बात मारपीट तक पहुंच गई। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
बीएचयू परिसर में हुई यह झड़प सिर्फ एक घटना नहीं मानी जा रही बल्कि इसे उस गहरे असंतोष का संकेत माना जा रहा है जो लंबे समय से छात्रों के बीच पनप रहा है। छात्र संगठनों का आरोप है कि यूजीसी से जुड़े फैसले छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं और उनकी आवाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी नाराजगी ने अब उग्र रूप लेना शुरू कर दिया है।
देश के अन्य राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश में यूजीसी को लेकर सबसे ज्यादा शोर सुनाई दे रहा है। कहीं धरना प्रदर्शन हो रहा है तो कहीं कक्षाओं का बहिष्कार। यह मुद्दा अब एक पहेली बन चुका है जहां सरकार प्रशासन और छात्र आमने सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर समाधान का रास्ता क्या होगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर समय रहते संवाद का रास्ता नहीं अपनाया गया तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। छात्रों का गुस्सा अब खुल्लम खुल्ला बगावत की शक्ल लेता दिख रहा है जो आने वाले दिनों में शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। प्रशासन के लिए यह परीक्षा की घड़ी है कि वह सख्ती के बजाय समझ और बातचीत से हालात को संभाले।