पटना (बिहार):- पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए तो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तीखा पलटवार किया। दोनों नेताओं के बयानों के बाद मामला अब सियासी बयानबाजी तक पहुंच गया है।
राबड़ी देवी ने छात्रा की मौत को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य में अपराध और अव्यवस्था बढ़ती जा रही है और छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे मामलों में सिर्फ बयान देती है जबकि जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। उनके इस बयान के बाद सत्तारूढ़ पक्ष ने कड़ा रुख अपनाया।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अगर उनके पास कोई ठोस सबूत है तो वह उसे सामने रखें। सम्राट चौधरी ने चुनौती देते हुए कहा कि सबूत पेश किए जाने पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दुखद घटनाओं को लेकर भ्रम फैलाने के बजाय जिम्मेदार रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और पुलिस हर पहलू पर काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है।
इस बीच नीट छात्रा की मौत को लेकर छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोग मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं सियासी बयानबाजी तेज होने से यह मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है।
फिलहाल पूरे राज्य की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सामने आता है और सरकार अपने दावों पर कितना अमल करती है। यह मामला बिहार की कानून व्यवस्था और शिक्षा के माहौल को लेकर एक बार फिर बहस का केंद्र बन गया है।