Mental Health Crisis : भारत में मानसिक स्वास्थ्य संकट: सरकार के प्रयास और चुनौतियाँ

Mental Health Crisis दिल्ली:- भारत में मानसिक स्वास्थ्य संकट एक बड़ी समस्या बन गई है जिससे निपटने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। केंद्रीय बजट 2026 में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई घोषणाएं की गई हैं जिनमें उत्तर भारत में दूसरा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (NIMHANS) स्थापित करना शामिल है।

सरकारी पहलें

– टेली मानस: सरकार ने टेली मानस कार्यक्रम शुरू किया जो 24×7 मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करता है।

– मनोदर्पण: शिक्षा मंत्रालय ने मनोदर्पण पहल शुरू की है जो छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य समर्थन प्रदान करती है।

-राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम: सरकार ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया है जो मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को समुदाय स्तर पर पहुंचाने का काम करता है।

चुनौतियाँ

– मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की कमी: भारत में मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की भारी कमी है जिससे सेवाओं की पहुंच सीमित है।

– सामाजिक कलंक: मानसिक स्वास्थ्य के बारे में सामाजिक कलंक अभी भी एक बड़ी चुनौती है जिससे लोग मदद लेने से हिचकते हैं।

– बजट की कमी: मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बजट की कमी एक बड़ी चुनौती है।

आगे की राह

– मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा: स्कूलों और कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा देना होगा।

– सामुदायिक समर्थन: सामुदायिक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य समर्थन को मजबूत करना होगा।

– बजट बढ़ाना: मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बजट बढ़ाना होगा ।

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