Filaria सोनभद्र- सोनभद्र के घोरावल ब्लाक में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य फाइलेरिया की रोकथाम और नियंत्रण करना है। अभियान के तहत डीईसी, कृमि नाशक और आईबरमेक्टिन की दवा खिलाई जा रही है शाहगंज के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक कांता प्रसाद, एएनएम नीतू कनौजिया और आशा गीता मिश्रा ने दवा खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
इस दौरान आशा गीता मिश्रा ने बताया कि मच्छरों के काटने से फाइलेरिया के कीटाणु शरीर में प्रवेश करते हैं और रात्रि में जब हम सोते हैं उस समय यह संक्रमित कीटाणु पूरी रक्त वाहिनियों का दौरा करते हुए हमारे तंत्रिकाओं को कमजोर करने का कार्य करते है।

फाइलेरिया के लक्षण और रोकथाम
– फाइलेरिया के लक्षणों में हाथ-पैर में सूजन, त्वचा पर दाने और बुखार शामिल हैं।
– फाइलेरिया की रोकथाम के लिए मच्छरों से बचाव जरूरी है।
– वर्ष में एक बार स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर सभी लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी।