गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश):- गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में हुई तीन बहनों की मौत ने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। नौवीं मंजिल से गिरने की इस दर्दनाक घटना में पाखी प्राची और निशिका की जान चली गई। शुरुआती जांच में मोबाइल गेम और फोन को लेकर नाराजगी की बात सामने आई थी लेकिन अब जांच आगे बढ़ने पर कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब परिवार के पास तीन बीएचके का फ्लैट था तो नौ लोग एक ही कमरे में क्यों सोते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि परिवार आर्थिक दबाव और आपसी असहजता के कारण सीमित जगह में ही रह रहा था। फ्लैट के बाकी कमरे या तो बंद रहते थे या उन्हें किराए पर देने की योजना थी। परिवार का मानना था कि एक साथ रहने से बच्चों पर नजर रखी जा सकेगी।
पड़ोसियों के अनुसार बच्चे पढ़ाई में ठीक थे लेकिन मानसिक दबाव साफ दिखाई देता था। मोबाइल फोन और ऑनलाइन गेम को लेकर घर में अक्सर तनाव का माहौल रहता था। माता पिता सख्ती बरतते थे जबकि बच्चे अपनी बात खुलकर नहीं कह पाते थे। इसी तनाव ने हालात को और जटिल बना दिया।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल गेमिंग तक सीमित नहीं है। पारिवारिक माहौल बच्चों की मानसिक स्थिति और सामाजिक दबाव सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि बच्चों को समय पर भावनात्मक सहयोग मिला या नहीं।
यह घटना समाज के लिए एक बड़ा संदेश है। सिर्फ सुविधाएं होना ही काफी नहीं होता। बच्चों से संवाद समझ और भरोसा भी उतना ही जरूरी है। गाजियाबाद का यह मामला अब एक चेतावनी बन चुका है कि परिवारों को बच्चों की मानसिक स्थिति को गंभीरता से समझना होगा।