नई दिल्ली :- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को साफ शब्दों में आईना दिखा दिया है। आईसीसी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने के लिए सभी टीमों को तय नियमों का पालन करना होगा। किसी भी देश के लिए अलग शर्तें नहीं बनाई जाएंगी। इसी के साथ पाकिस्तान की कई अहम मांगों को सिरे से खारिज कर दिया गया है। इस फैसले से बांग्लादेश को भी बड़ा झटका लगा है।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से टूर्नामेंट से जुड़ी व्यवस्थाओं और मैचों के स्थान को लेकर कुछ शर्तें रखी गई थीं। आईसीसी ने इन सभी मांगों पर विचार करने के बाद साफ कह दिया कि अगर पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर खेलना है तो उसे तय ढांचे के अनुसार ही आगे बढ़ना होगा। आईसीसी का मानना है कि क्रिकेट की निष्पक्षता और समानता बनाए रखने के लिए यह फैसला जरूरी था।
आईसीसी ने यह भी कहा कि किसी एक बोर्ड की सहूलियत के लिए पूरे शेड्यूल या सिस्टम में बदलाव संभव नहीं है। अगर कोई टीम नियमों से असहमत है तो उसके पास बाहर रहने का विकल्प हमेशा खुला है। यह बयान सीधे तौर पर पाकिस्तान को सख्त संदेश माना जा रहा है।
इस फैसले की आंच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड तक भी पहुंची है। बांग्लादेश की कुछ अपेक्षाएं भी आईसीसी ने नहीं मानी हैं। इससे साफ हो गया है कि आईसीसी अब किसी भी बोर्ड के दबाव में आने के मूड में नहीं है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि आईसीसी का यह रुख भविष्य के लिए एक मिसाल बनेगा। इससे छोटे और बड़े सभी क्रिकेट बोर्डों को यह समझ आएगा कि खेल से ऊपर कोई नहीं है। नियम सभी के लिए बराबर हैं।
पाकिस्तान के लिए यह फैसला चेतावनी की तरह है। अगर वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखना चाहता है तो उसे सहयोग और अनुशासन दिखाना होगा। वहीं बांग्लादेश के लिए भी यह संकेत है कि भावनाओं के बजाय पेशेवर रवैया अपनाना ही आगे का रास्ता है।