नई दिल्ली :- अब सिर्फ मेट्रो या तेज ट्रेन की बात नहीं है बल्कि नमो भारत के साथ पूरा शहर बदलने की तैयारी शुरू हो चुकी है। एनसीआरटीसी और एसपीए के बीच हुई अहम साझेदारी ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में स्टेशन सिर्फ सफर का जरिया नहीं रहेंगे बल्कि विकास के नए केंद्र बनेंगे। इस पहल का मकसद ट्रांजिट के साथ साथ शहरी जीवन को भी नए सिरे से डिजाइन करना है।
एनसीआरटीसी एसपीए के साथ मिलकर स्टेशन एरिया डेवलपमेंट पर काम करेगा। इसके तहत नमो भारत स्टेशनों के आसपास रिहायशी कॉमर्शियल और पब्लिक स्पेस को एक साथ विकसित किया जाएगा। यानी स्टेशन के पास ही घर ऑफिस बाजार पार्क और सामाजिक सुविधाएं मौजूद होंगी। इससे लोगों को लंबा सफर तय करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह मॉडल ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पर आधारित होगा। इसका मतलब है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को केंद्र में रखकर पूरा इलाका प्लान किया जाएगा। इससे ट्रैफिक कम होगा प्रदूषण घटेगा और शहर ज्यादा व्यवस्थित बनेगा। नमो भारत सिर्फ तेज कनेक्टिविटी नहीं देगा बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी खोलेगा।
इस साझेदारी में एसपीए की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। शहरी नियोजन और आर्किटेक्चर के विशेषज्ञ स्टेशन के आसपास के इलाकों को इस तरह डिजाइन करेंगे कि विकास टिकाऊ और भविष्य के अनुकूल हो। हर स्टेशन को उसकी जरूरत और आसपास की आबादी के हिसाब से अलग पहचान दी जाएगी।
कुल मिलाकर नमो भारत प्रोजेक्ट अब एक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट से आगे निकल चुका है। एनसीआरटीसी और एसपीए की यह साझेदारी एनसीआर क्षेत्र में शहरी विकास की दिशा बदल सकती है। आने वाले वर्षों में स्टेशन के आसपास होने वाला यह बड़ा खेल पूरे शहर की तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है।