Global Enterprises नई दिल्ली:- भारत के तकनीकी कौशल को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान देते डेलॉयट इंडिया (Deloitte India) ने पूरी तरह से स्वदेश विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म ‘GenW.AI’ को लॉन्च करने की घोषणा की है। यह प्लेटफॉर्म वैश्विक उद्यमों के लिए एआई के इस्तेमाल को न केवल आसान बनाएगा, बल्कि इसकी गति और स्केलेबिलिटी (विस्तार क्षमता) में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
क्या है GenW.AI?
‘GenW.AI’ एक लो-कोड (low-code) एआई प्लेटफॉर्म है जिसे डेलॉयट की भारतीय टीम ने तैयार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य बड़े व्यवसायों को बिना जटिल कोडिंग के तेजी से एआई एप्लिकेशन और ‘एजेंटिक एआई’ (Agentic AI) विकसित करने में मदद करना है।
प्रमुख विशेषताएं और फायदे
-तेजी और कुशलता: जहाँ पारंपरिक एआई सिस्टम बनाने में महीनों लगते थे, GenW.AI की मदद से कंपनियां कुछ ही हफ्तों में अपने प्रोटोटाइप तैयार कर उन्हें लागू कर सकेंगी।
– सुरक्षा और नियंत्रण: यह प्लेटफॉर्म क्लाउड के साथ-साथ ‘ऑन-प्रिमाइसेस’ (कंपनी के निजी सर्वर) पर भी उपलब्ध होगा, जिससे व्यवसायों का अपने डेटा और बौद्धिक संपदा (IP) पर पूरा नियंत्रण रहेगा।
-बहुमुखी प्रतिभा: यह विभिन्न प्रकार के ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स’ (LLMs) के साथ काम करने में सक्षम है, जिससे कंपनियों को अपनी जरूरत के अनुसार मॉडल चुनने की आजादी मिलती है।
भारत बना ‘एआई कमांड सेंटर’
डेलॉयट इंडिया के अधिकारियों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म ‘मेड इन इंडिया’ की ताकत को दर्शाता है। कंपनी ने इसे अपने आंतरिक कार्यों में सफलतापूर्वक आज़माने के बाद अब वैश्विक बाजार के लिए पेश किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को दुनिया के ‘AI कमांड सेंटर’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। “एंटरप्राइजेज को आज केवल टूल्स की नहीं, बल्कि ऐसे ढांचे की जरूरत है जो जोखिम कम करते हुए इनोवेशन की रफ्तार बढ़ा सकें। GenW.AI इसी उद्देश्य को पूरा करता है।” — डॉ. जगदीश भंडारकर, पार्टनर, डेलॉयट इंडिया