Gold Price Down 18%:-आज सोने के दामों में बाजार खुलते ही जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है। पिछले कुछ समय में सोने के भाव करीब 18 प्रतिशत तक गिर गए हैं और निवेशकों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी। मार्केट एक्सपर्ट्स इस तेजी से गिरते हुए रेट को कई आर्थिक संकेतों और वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों का परिणाम बता रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार सोने की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट का मुख्य कारण ग्लोबल मार्केट में बढ़ती ब्याज दरों और निवेशकों का शेयर बाजार तथा नेक्ड रियल एस्टेट जैसे सेक्टरों की ओर रुख करना बताया जा रहा है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो सोना जैसे कम ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों में निवेशकों की दिलचस्पी कम हो जाती है और इसके कारण सोने की कीमतों पर दबाव बनता है।
दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा मौद्रिक नीतियों में कड़े रुख के संकेत मिलने के बाद डॉलर की मजबूती भी एक बड़ा कारक रहा है। मजबूत डॉलर में सोने की कीमतों को पीछे धकेलने की प्रवृत्ति रहती है क्योंकि यह कमोडिटी डॉलर में मूल्यांकित होती है। इसके अलावा सट्टेबाज और फंड मैनेजर्स भी तेजी से अपने पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी को घटा रहे हैं जो गिरावट को और तेज कर रहा है।
सोने पर चल रही इस गिरावट के बावजूद कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी भी हो सकती है। यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता में इजाफा होता है जैसे कि बाजार में मंदी का डर, राजनीतिक तनाव, या बड़ी वित्तीय संकट की आशंका, तो निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर लौट सकते हैं और सोने की कीमतें फिर बढ़ सकती हैं।
अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को जल्दबाज़ी में निर्णय नहीं लेना चाहिए। सोना एक लंबे समय तक सुरक्षित निवेश माना जाता है और छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव सामान्य है। उनका सुझाव है कि निवेशकों को आर्थिक संकेतों, ब्याज दरों, मुद्रास्फीति और वैश्विक आर्थिक रुझानों को ध्यान में रखकर ही फैसले लेने चाहिए।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आने वाले हफ्तों में सोने की कीमतें और नीचे जाएंगी या स्थिर होंगी लेकिन वर्तमान गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसलिए विशेषज्ञ यह कहते हैं कि बाजार के रुझान को लगातार ट्रैक करना और वित्तीय सलाहकार की सलाह लेना बुद्धिमानी भरा कदम होगा।