Joint Parliamentary नई दिल्ली: उच्च शिक्षा नियामक बिल पर संयुक्त संसदीय पैनल को मानसून सत्र तक का समय दिया गया है। इस बिल का उद्देश्य विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को बदलना और उच्च शिक्षा के लिए एक एकल नियामक स्थापित करना है। लोकसभा में गुरुवार को हुई चर्चा के दौरान पैनल की अध्यक्ष डी. पुरंदेश्वरी ने रिपोर्ट जमा करने के लिए समय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जिसे स्वीकार कर लिया गया। अब पैनल को मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक रिपोर्ट जमा करनी होगी इस बिल का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव को रोकना और समावेशन को बढ़ावा देना है। बिल में ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। हालांकि, कुछ विपक्षी दलों ने बिल का विरोध किया है, इसे “कार्यकारी अतिक्रमण” और “संघीय संरचना के खिलाफ” बताया है।
बिल के प्रमुख बिंदु:
– एकल नियामक: उच्च शिक्षा के लिए एक एकल नियामक स्थापित करना
– भेदभाव रोकथाम: उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव को रोकना
– समावेशन: ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों के लिए विशेष प्रावधान
– निगरानी: उच्च शिक्षा संस्थानों की निगरानी और जांच के लिए एक मजबूत तंत्र