लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश सरकार के महा बजट में किसानों के लिए बड़े ऐलान किए गए हैं जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पेश किए गए बजट में गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए समर्थन मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का फैसला किया गया है। इस निर्णय से लाखों गन्ना उत्पादक किसानों को सीधा फायदा मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
सरकार ने किसानों को बिजली बिल से राहत देने के लिए कृषि उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने की घोषणा भी की है। इससे सिंचाई लागत में कमी आएगी और छोटे तथा सीमांत किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि खेती की लागत घटने से उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
बजट में यह भी बताया गया कि किसानों के खातों में कुल 94 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि विभिन्न योजनाओं के तहत पहुंचाई गई है। इसमें फसल भुगतान सब्सिडी और अन्य प्रत्यक्ष लाभ अंतरण शामिल हैं। सरकार का दावा है कि समय पर भुगतान से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और बकाया भुगतान की समस्या में कमी आई है।
इसके अलावा सिंचाई परियोजनाओं ग्रामीण सड़कों और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि खेती को लाभकारी बनाया जाए और किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
हालांकि विपक्ष ने बजट के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि घोषणाओं के साथ साथ जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वहीं समर्थकों का कहना है कि यह बजट किसानों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है और इससे ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
कुल मिलाकर इस महा बजट ने राज्य के किसानों में नई उम्मीद जगाई है और आने वाले समय में इन घोषणाओं का असर खेत खलिहान और ग्रामीण बाजारों में दिखाई दे सकता है।