नई दिल्ली :- देश के भीतर कुछ स्थानों पर उपद्रवियों से जुड़े प्रतीक और स्मारक बनाए जाने की खबरों के बाद सुरक्षाबलों ने सख्त कदम उठाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सार्वजनिक स्थानों का उपयोग केवल वैधानिक उद्देश्यों के लिए ही किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार संबंधित इलाकों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे ढांचों की जांच की और जहां आवश्यक समझा वहां उन्हें हटाने या सील करने की कार्रवाई की गई। इस दौरान स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील भी की।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि कानून के पालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। उनका कहना है कि देश की एकता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की भड़काऊ गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा। साथ ही नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है ताकि शांति और व्यवस्था कायम रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर की गई ऐसी कार्रवाई से संभावित तनाव को रोका जा सकता है और कानून के प्रति विश्वास मजबूत होता है। आने वाले दिनों में प्रशासन स्थिति की समीक्षा करता रहेगा और आवश्यक कदम उठाता रहेगा ताकि सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे।