FDI Outflows नई दिल्ली:- भारतीय रुपया 2026 में ₹93 के स्तर पर बंद हो सकता है क्योंकि विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) में बहिर्वाह और महंगे गैर-रूसी कच्चे तेल के कारण दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि एफडीआई में कमी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपया को कमजोर किया है रुपया इस साल अब तक 5% से अधिक कमजोर हुआ है और विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह आगे भी दबाव में रहेगा। “रुपया 2026 में ₹93 के स्तर पर बंद हो सकता है क्योंकि एफडीआई में बहिर्वाह और महंगे गैर-रूसी कच्चे तेल के कारण दबाव बना हुआ है,” एक विशेषज्ञ ने कहा।
एफडीआई में बहिर्वाह के कारण रुपया पर दबाव बढ़ा है क्योंकि विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। इसके अलावा महंगे गैर-रूसी कच्चे तेल ने भी रुपया को कमजोर किया है क्योंकि भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए महंगे कच्चे तेल का आयात करना पड़ रहा है रुपया की कमजोरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है क्योंकि इससे आयात महंगा हो सकता है और व्यापार घाटा बढ़ सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से उठाए गए कदमों से रुपया को समर्थन मिल सकता है।