Motion of thanks नई दिल्ली:- संसद के बजट सत्र में कई अनोखे पल देखने को मिले जिसमें रविवार को पेश किया गया बजट और लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नहीं आना शामिल है। यह सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक रहा जिसमें विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ।
सत्र के दौरान लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हुई लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का जवाब नहीं आया जिसे विपक्ष ने सरकार की कमजोरी करार दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि विपक्ष हंगामा करके संसद की कार्यवाही को बाधित कर रहा है इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हुई जिसमें औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल है जो लोकसभा में पारित हो गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पर चर्चा का जवाब दिया जिसमें उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों को रेखांकित किया।
विपक्ष ने बजट को निराशाजनक और जनविरोधी करार दिया जबकि सत्तापक्ष ने इसे ऐतिहासिक और विकासोन्मुख बताया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बजट को भारत की वास्तविक समस्याओं से आंखें बंद करने वाला बताया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया इस सत्र ने संसद की कार्यवाही में विपक्ष की भूमिका और सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे चलकर संसद की कार्यवाही कैसे प्रभावित होती है।