मुंबई (महाराष्ट्र):- राजपाल यादव को लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस मामले में आखिरकार जमानत मिल गई है। अभिनेता ने पांच फरवरी को तिहाड़ जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया था और न्यायिक हिरासत में कई दिन बिताने के बाद उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। अदालत ने पहले उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था लेकिन बाद की सुनवाई में परिस्थितियों को देखते हुए जमानत प्रदान की गई।
मामले की जड़ वर्ष दो हजार दस में लिए गए उस कर्ज से जुड़ी है जिसे अभिनेता ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म बनाने के लिए लिया था। फिल्म अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी और कर्ज का भुगतान समय पर नहीं हो पाया। ब्याज बढ़ने के साथ देनदारी बढ़कर लगभग नौ करोड़ रुपये तक पहुंच गई जिससे विवाद गहराता चला गया।
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता के रुख पर नाराजगी जताई और कहा कि अदालत के आदेशों का पालन करना आवश्यक है। न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि जेल की स्थिति उनके अपने आचरण का परिणाम है और उन्होंने कई बार देनदारी स्वीकार की है। अदालत ने संबंधित कंपनी को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
अभिनेता ने अदालत को बताया था कि उन्हें पारिवारिक कारणों से बाहर रहने की जरूरत है और भुगतान को लेकर निर्देश लेने के लिए समय मांगा था। उनके वकीलों ने भी कोर्ट से राहत की अपील की थी।
यह मामला फिल्म उद्योग में वित्तीय जोखिमों और कानूनी जिम्मेदारियों की याद दिलाता है। जमानत मिलने के बाद भी केस की सुनवाई जारी रहेगी और आगे की प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार चलेगी।