महाराष्ट्र (मुंबई):- मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अहम मुलाकात हो रही है। फ्रांस की यह भारत यात्रा रक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रांस अब भारत के लिए ‘नया रूस’ बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरण, विशेषकर राफेल डील पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिससे सैन्य साझेदारी और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
मैक्रों मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के बाद दिल्ली में 16-20 फरवरी को आयोजित एआई इंपैक्ट समिट में भी भाग लेंगे। इस समिट में डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार पर चर्चा होगी।
रक्षा सहयोग और तकनीकी साझेदारी के अलावा दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक मामलों पर भी बातचीत होने की संभावना है। इस बैठक को भारत-फ्रांस संबंधों में नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों को वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और तकनीकी मामलों में मजबूती देने में मदद करेगी। साथ ही यह भारत के रणनीतिक हितों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी अहम साबित होगी।