Local laws नई दिल्ली:- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि ग्लोबल डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को स्थानीय संस्कृति और कानूनों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया में भौतिक सीमाएं नहीं है लेकिन स्वीकार्यता माज के अनुसार बदलती रहती है।
वैष्णव ने मोशन पिक्चर एसोसिएशन के चेयरमैन और सीईओ चार्ल्स रिव्किन के साथ एक चर्चा में कहा, “ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स को उस देश के सांस्कृतिक संदर्भ को समझना चाहिए जहां वे काम कर रहे हैं। उन्हें उस देश के संविधान और कानूनी ढांचे के अनुसार काम करना चाहिए न कि अपने मूल देश के कानूनों के अनुसार।” वैष्णव ने कहा कि भारत एक डिजिटल रूप से सक्षम देश है और यहां के लोग नई तकनीकों को आसानी से अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य भारत को एक ग्लोबल हब बनाना है जहां क्रिएटिव इंडस्ट्री फल-फूल सके।
वैष्णव ने कहा, “हम जल्द ही ‘क्रिएट इन इंडिया’ मिशन शुरू करने जा रहे हैं, जो कि सेमीकंडक्टर मिशन की तरह ही उद्योग-उन्मुख, रोजगार-उन्मुख और भविष्य-उन्मुख होगा।”वैष्णव ने यह भी कहा कि ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स को अपने कंटेंट में स्थानीय संस्कृति का सम्मान करना चाहिए और उन्हें उस देश के कानूनों का पालन करना चाहिए जहां वे काम कर रहे हैं।
इस चर्चा में रिव्किन ने कहा कि ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स को अपनी कंटेंट में स्थानीय संस्कृति का सम्मान करना चाहिए और उन्हें उस देश के कानूनों का पालन करना चाहिए जहां वे काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक जटिल मुद्दा है और इसके लिए ग्लोबल स्तर पर सहमति बनानी होगी। वैष्णव ने कहा कि भारत सरकार इस मुद्दे पर ग्लोबल स्तर पर सहमति बनाने के लिए काम कर रही है और जल्द ही एक ग्लोबल फॉर्मवर्क तैयार किया जाएगा।