Newborn health : प्रसवपूर्व संक्रमण: नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर प्रभाव

Newborn health दिल्ली:- प्रसवपूर्व संक्रमण या गर्भावस्था के दौरान होने वाले संक्रमण, नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। इन संक्रमणों के कारण गर्भपात, मृत जन्म, समय से पहले जन्म, और जन्मजात विकृतियाँ हो सकती हैं।

प्रसवपूर्व संक्रमण के कारण

प्रसवपूर्व संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:

– मूत्रमार्ग संक्रमण (UTI)

– समूह बी स्ट्रेप्टोकोकस (GBS) संक्रमण

– सिफिलिस

– टॉक्सोप्लास्मा

– रूबेला

– साइटोमेगालोवायरस (CMV)

प्रसवपूर्व संक्रमण के लक्षण

प्रसवपूर्व संक्रमण के लक्षण गर्भवती महिला और नवजात शिशु दोनों में अलग-अलग हो सकते हैं। गर्भवती महिला में लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

– बुखार

– पेट में दर्द

– जलन या बार-बार पेशाब आना

– रक्त में पेशाब

– असामान्य योनि स्राव या रक्तस्राव

– असामान्य गर्भाशय गतिविधि

नवजात शिशु में लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

– खराब खाना

– लेथर्जी

– सांस लेने में कठिनाई

– तापमान अस्थिरता

– जौंडिस

– पीलिया

प्रसवपूर्व संक्रमण के प्रभाव

प्रसवपूर्व संक्रमण नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं जिनमें शामिल हैं:

– समय से पहले जन्म

– जन्मजात विकृतियाँ

– नवजात शिशु में संक्रमण

– विकासात्मक देरी

– सुनने की क्षमता में कमी

– दृष्टि में कमी

प्रसवपूर्व संक्रमण की रोकथाम

प्रसवपूर्व संक्रमण की रोकथाम के लिए कई तरीके हैं जिनमें शामिल हैं:

– गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच

– मूत्रमार्ग संक्रमण का इलाज

– समूह बी स्ट्रेप्टोकोकस संक्रमण का इलाज

– सिफिलिस का इलाज

– टॉक्सोप्लास्मा संक्रमण का इलाज

– रूबेला टीका लगवाना

– साइटोमेगालोवायरस संक्रमण का इलाज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *