Potential Power वाशिंगटन: अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी नौसेना और वायु शक्ति की तैनाती बढ़ा दी है जिससे इरान पर संभावित हमले की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान को चेतावनी दी है कि अगर वह परमाणु समझौते पर बातचीत में विफल रहता है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करेगा। अमेरिकी नौसेना ने पश्चिम एशिया में अपने 13 युद्धपोत तैनात किए हैं जिनमें एक विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिन्कन नौ विध्वंसक और तीन लिटोरल कॉम्बैट शिप शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिकी वायु सेना ने पश्चिम एशिया में अपने कई लड़ाकू विमान तैनात किए हैं जिनमें एफ-22 रैप्टर स्टेल्थ फाइटर जेट, एफ-15 और एफ-16 वारप्लेन और केसी-135 एरियल रिफ्यूएलिंग एयरक्राफ्ट शामिल हैं।
अमेरिकी सैन्य तैनाती के पीछे का उद्देश्य इरान को परमाणु समझौते पर बातचीत में मजबूर करना है लेकिन इरान ने अमेरिका की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया है और कहा है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखेगा। इरान के साथ तनाव बढ़ने के बीच अमेरिका और इरान के बीच जिनेवा में बातचीत चल रही है लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा है कि इरान ने अभी तक अमेरिका की सभी शर्तों को स्वीकार नहीं किया है लेकिन बातचीत जारी है।
इस बीच इरान ने भी अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है और हॉर्मुज की गली में अपने युद्धाभ्यास का आयोजन किया है। इरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने कहा है कि अमेरिका इरान पर हमला करने की कोशिश करेगा लेकिन उसे इसका जवाब मिलेगा। अमेरिकी सैन्य तैनाती और इरान के साथ तनाव बढ़ने के बीच, क्षेत्र में युद्ध की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका और इरान के बीच तनाव कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रयास करने की आवश्यकता है।