वाशिंगटन (अमेरिका):- डोनाल्ड ट्रंप ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दक्षिण एशिया के मुद्दों पर बात करते हुए भारत और पाकिस्तान के संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में संवाद और स्थिरता महत्वपूर्ण है और इस संदर्भ में भारत की भूमिका की सराहना की। उनके बयान को कूटनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद शहबाज शरीफ से भी उन्होंने बातचीत की और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग और शांति की जरूरत पर जोर दिया जिससे सभा में मौजूद लोगों का ध्यान इस मुद्दे पर गया।
नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने भारत के नेतृत्व की प्रशंसा की और कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सकारात्मक प्रयास जरूरी हैं। इस टिप्पणी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान वैश्विक राजनीति में संदेश देने का काम करते हैं और इससे कूटनीतिक संबंधों की दिशा प्रभावित हो सकती है। कार्यक्रम के बाद इस चर्चा ने मीडिया और राजनीतिक हलकों में खासा ध्यान आकर्षित किया।कुल मिलाकर इस घटनाक्रम ने यह दिखाया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नेताओं के बयान किस तरह व्यापक चर्चा को जन्म देते हैं और क्षेत्रीय मुद्दों को वैश्विक फोकस में लाते हैं।