Pharma firm दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक फार्मा कंपनी से कहा है कि क्या उसे पता है कि उसके कफ सिरप से देश की छवि को कितना नुकसान पहुंचा है। यह कफ सिरप उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत का कारण बना था। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने एक अदालत के आदेश को चुनौती दी थी कि उसे इस मामले में जवाब देना होगा। सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने कहा, “क्या आपको पता है कि आपके कफ सिरप से देश की छवि को कितना नुकसान पहुंचा है?” बेंच ने कहा, “आपने सिर्फ पैसे के लिए ऐसा किया है और यह देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है।”
कफ सिरप बनाने वाली कंपनी पर आरोप है कि उसने उज्बेकिस्तान में बेचे जाने वाले कफ सिरप में जहरीले रसायन का इस्तेमाल किया था जिससे 18 बच्चों की मौत हो गई थी। कंपनी ने इन आरोपों से इनकार किया है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कंपनी के अधिकारियों को इस मामले में जवाब देना होगा और उन्हें अदालत में पेश होना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “आपने देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है और आपको इसके लिए जवाब देना होगा।”
इस मामले में उज्बेकिस्तान सरकार ने भी भारत सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। भारत सरकार ने इस मामले में जांच शुरू की थी और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी को देश की छवि को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह मामला देश में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर चिंता को बढ़ाता है।