SC slams नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों द्वारा मुफ्त में बांटे जाने वाले उपहारों पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि यह संस्कृति देश के आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचा रही है और राज्य सरकारों को इसे बंद करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें गरीबों के लिए काम करने के बजाय मुफ्त में चीजें बांटकर वोट हासिल करने की कोशिश कर रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने तमिलनाडु सरकार की मुफ्त बिजली योजना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि राज्य सरकारों को विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए, न कि मुफ्त में चीजें बांटने पर। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुफ्त में बांटे जाने वाले उपहारों से लोगों की काम करने की इच्छा कम होती है और यह देश के आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों से कहा कि वे अपने बजट में विकास कार्यों के लिए धन आवंटित करें और मुफ्त में चीजें बांटने से बचें। अदालत ने कहा कि राज्य सरकारों को गरीबों के लिए काम करना चाहिए, न कि मुफ्त में चीजें बांटकर वोट हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी को राजनीतिक दलों के लिए एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।