नोएडा (उत्तर प्रदेश):- नोएडा के ग्रेटर नोएडा पश्चिम मेट्रो मार्ग से सेक्टर एक सौ बाइस प्रस्तावित स्टेशन को हटाए जाने के निर्णय ने आसपास के निवासियों में चिंता बढ़ा दी है। संशोधित परियोजना रिपोर्ट के अनुसार इस बदलाव से हजारों दैनिक यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है और लोगों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर होना पड़ सकता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस स्टेशन से क्षेत्र की आवासीय सोसायटियों और बाजारों को सीधी सुविधा मिलने वाली थी जिससे यात्रा समय कम होता और ट्रैफिक का दबाव घटता। अब स्टेशन हटने से लोगों को दूर स्थित स्टेशनों तक पहुंचने में अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ेगा। कई लोगों ने इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग उठाई है।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि संशोधन तकनीकी और व्यावहारिक कारणों को ध्यान में रखकर किया गया है ताकि पूरे मार्ग का निर्माण सुचारु रूप से हो सके। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि नागरिकों की प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए आगे आवश्यक चर्चा की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की योजना बनाते समय भविष्य की जरूरतों का आकलन बेहद जरूरी होता है क्योंकि इससे लंबे समय तक शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। यदि कनेक्टिविटी कम होती है तो निजी वाहनों का उपयोग बढ़ सकता है जिससे जाम और प्रदूषण की समस्या बढ़ने की आशंका रहती है।
फिलहाल क्षेत्र के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि संबंधित एजेंसियां उनकी चिंताओं पर विचार करेंगी और ऐसा समाधान निकाला जाएगा जिससे विकास कार्य भी जारी रहे और आम नागरिकों की सुविधा भी बनी रहे।