Education जौनपुर:-उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बरसठी थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। एक परिषदीय विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक पर कक्षा 4 की मासूम छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
छुट्टी मांगने गई थी मासूम, शिक्षक ने की हैवानियत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 1:00 बजे कक्षा 4 में पढ़ने वाली एक छात्रा विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक रजनीश निषाद के पास छुट्टी मांगने के लिए गई थी। आरोप है कि शिक्षक ने अपनी मर्यादाओं को ताक पर रखकर छात्रा का हाथ पकड़ लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। पीड़ित छात्रा जो मूल रूप से बक्सा थाना क्षेत्र की रहने वाली है, इस अचानक हुए व्यवहार से बुरी तरह डर गई। आरोपी शिक्षक ने कथित तौर पर मासूम को डराते हुए कहा कि “जब मैं चलूंगा, तभी तुम्हें साथ लेकर चलूंगा।”
घर पहुँचकर सुनाई आपबीती, फूट-फूट कर रोई छात्रा
मासूम किसी तरह शिक्षक के चंगुल से छूटकर अपने घर पहुंची। डरी-सहमी बच्ची अपनी मां को देखते ही फूट-फूट कर रोने लगी। जब मां ने रोने का कारण पूछा, तो छात्रा ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि “मास्टर साहब उसे गंदे तरीके से छू रहे थे।” बच्ची की बातें सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, स्कूल में भारी हंगामा
जैसे ही यह खबर गांव में फैली, ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। बड़ी संख्या में आक्रोशित ग्रामीण स्कूल परिसर में जमा हो गए और आरोपी शिक्षक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। ग्रामीणों की मांग थी कि ऐसे ‘कलंकित’ शिक्षक को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उस पर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: आरोपी जेल के हवाले
मामले की सूचना मिलते ही बरसठी थाना अध्यक्ष जयप्रकाश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया और आरोपी शिक्षक रजनीश निषाद को हिरासत में ले लिया।
थानाध्यक्ष का बयान: “परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी शिक्षक के विरुद्ध संबंधित धाराओं (संभावित POCSO एक्ट एवं अन्य) में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
शिक्षा विभाग पर उठे सवाल
इस घटना ने परिषदीय विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अभिभावकों में इस बात को लेकर गहरा रोष और चिंता है कि यदि ‘विद्या का मंदिर’ कहे जाने वाले स्कूल में ही शिक्षक भक्षक बन जाएंगे, तो वे अपनी बेटियों को पढ़ने के लिए कहां भेजेंगे। स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि आरोपी की बर्खास्तगी के साथ-साथ विद्यालय के सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जाए।