बहराइच में किताब घोटाला, सरकारी स्कूल की किताबें कबाड़ी को बेचने का खुलासा कई गिरफ्तार

 बहराइच (उत्तर प्रदेश):- बहराइच जिले में सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है जहां सरकारी स्कूलों के बच्चों को बांटने के लिए आई हजारों किताबें कबाड़ी को मात्र चार रुपये किलो के भाव में बेच दी गईं। पुलिस ने छापा मारकर करीब तेरह हजार किताबें बरामद की हैं जिससे पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

जांच में सामने आया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जुड़े कर्मचारियों की मिलीभगत से किताबों को ठिकाने लगाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में फोर्थ क्लास कर्मचारी आलोक मिश्रा सहित कबाड़ी दिलशाद शुभांकर गुप्त और अर्जुन को गिरफ्तार किया है। वहीं विभागीय कार्रवाई करते हुए कर्मचारी आशुतोष सिंह दीपक कुमार और अतुल सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच चल रही है। ब्लॉक ऑफिसर डॉली मिश्रा और अकाउंट ऑफिसर वीरेश वर्मा के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि बरामद किताबों को कबाड़ी के जरिए उत्तराखंड भेजने की तैयारी थी। किताबों से भरा कंटेनर लखीमपुर खीरी जिले से वापस मंगवाया गया है ताकि सभी रिकॉर्ड की जांच की जा सके। अधिकारियों ने पूरे मामले में दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है।

इस खुलासे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जब हजारों बच्चे किताबों के इंतजार में थे तब जिम्मेदार लोग सरकारी संसाधनों को बेचने में कैसे लगे रहे। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है।

प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा और किताबों के वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

यह मामला सरकारी तंत्र की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है और यह भी दिखाता है कि यदि निगरानी कमजोर हो तो बच्चों के अधिकारों पर सीधा असर पड़ता है। जांच के बाद और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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