SC Hear नई दिल्ली:- सुप्रीम कोर्ट में 10 मार्च को केरल देवस्वम रेक्रूटमेंट बोर्ड (केडीआरबी) की अपील पर सुनवाई होगी जिसमें गुरुवायूर देवस्वम में नियुक्ति की शक्ति को लेकर हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। केरल हाई कोर्ट ने केडीआरबी को गुरुवायूर देवस्वम और उसके अधीनस्थ शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न पदों पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों की सूची तैयार करने की शक्ति देने वाले प्रावधानों को रद्द कर दिया था।
केडीआरबी ने हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें कहा गया है कि उसके कार्यों को केवल भर्ती के मामलों तक सीमित रखा गया है और वह मंदिर के धार्मिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करता है। केडीआरबी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि हाई कोर्ट का फैसला गलत है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। गुरुवायूर देवस्वम कर्मचारी संघ कांग्रेस ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर केडीआरबी को नियुक्ति की शक्ति देने वाले प्रावधानों को चुनौती दी थी। संघ का कहना था कि केडीआरबी को नियुक्ति की शक्ति देना गैर-संवैधानिक है और यह गुरुवायूर देवस्वम के प्रबंधन के अधिकारों का उल्लंघन करता है।
हाई कोर्ट ने केडीआरबी को नियुक्ति की शक्ति देने वाले प्रावधानों को रद्द कर दिया था और कहा था कि गुरुवायूर देवस्वम के प्रबंधन के अधिकारों को बनाए रखने के लिए नियुक्ति की शक्ति गुरुवायूर देवस्वम मैनेजिंग कमेटी के पास होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में 10 मार्च को इस मामले पर सुनवाई होगी और यह तय किया जाएगा कि केडीआरबी को नियुक्ति की शक्ति दी जानी चाहिए या नहीं।
इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला गुरुवायूर देवस्वम और उसके कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण होगा। यदि सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है, तो केडीआरबी को नियुक्ति की शक्ति नहीं दी जाएगी और गुरुवायूर देवस्वम मैनेजिंग कमेटी को नियुक्ति की शक्ति दी जाएगी। लेकिन यदि सुप्रीम कोर्ट केडीआरबी की अपील को स्वीकार करता है, तो केडीआरबी को नियुक्ति की शक्ति दी जाएगी और गुरुवायूर देवस्वम मैनेजिंग कमेटी की शक्ति कम हो जाएगी।