Bengal food : बंगाल में मछली की राजनीति: बीजेपी के लिए बढ़ती मुश्किलें

Bengal food कोलकाता:-पश्चिम बंगाल में मछली की राजनीति बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वह बंगाल में मछली और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाना चाहती है जिससे राज्य की संस्कृति और लोगों की आजीविका पर हमला होगा। बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि वह केवल गोमांस की खुली बिक्री के खिलाफ है, न कि मछली या अन्य मांस की। पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, “बंगाल के लोग अपनी पसंद का खाना खाएंगे। बीजेपी मछली या मांस की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगाएगी।”

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के इस बयान पर विश्वास नहीं किया है और कहा है कि बीजेपी की वास्तविकता कुछ और है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा, “बीजेपी बंगाल में मछली और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाना चाहती है। यह हमारी संस्कृति और लोगों की आजीविका पर हमला है।” बिहार सरकार के हालिया फैसले ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है जिसमें खुली जगहों पर मांस और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे बीजेपी की सांप्रदायिक राजनीति का हिस्सा बताया है।

बंगाल में मछली एक प्रमुख खाद्य पदार्थ है और इसकी बिक्री और सेवन राज्य की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में बीजेपी के लिए इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करना मुश्किल हो रहा है। बीजेपी ने कहा है कि वह बंगाल की संस्कृति और लोगों की भावनाओं का सम्मान करती है लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वह सांप्रदायिक राजनीति कर रही है। इस विवाद के बीच बंगाल के लोगों की प्रतिक्रिया देखना दिलचस्प होगा। क्या बीजेपी अपनी स्थिति स्पष्ट कर पाएगी और तृणमूल कांग्रेस के आरोपों का जवाब दे पाएगी?

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