नई दिल्ली :- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और अवैध निर्माण पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड में घुसपैठ को आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने सीमांचल में जनसांख्यिकीय बदलाव पर भी चिंता व्यक्त की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ और अवैध निर्माण को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि सीमांचल में अवैध गतिविधियां किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने घोषणा की कि सीमा से दस किलोमीटर के दायरे में बने अवैध ढांचों की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बिहार सहित पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन रही है। सरकार का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए सख्त प्रशासनिक कदम और बेहतर समन्वय जरूरी है।
गृह मंत्री ने सीमांचल क्षेत्र में जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार अनियंत्रित घुसपैठ का असर स्थानीय संसाधनों सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक संतुलन पर पड़ सकता है। उन्होंने राज्य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों को मिलकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सरकार का फोकस सीमा प्रबंधन को मजबूत करने पर है ताकि अवैध प्रवेश और निर्माण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।
इस बयान के बाद सीमावर्ती जिलों में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि घोषित कदम जमीन पर किस तरह लागू होते हैं और इससे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में कितना सुधार आता है।