मुंबई (महाराष्ट्र):- साल 2003 में रिलीज हुई मुन्ना भाई एमबीबीएस ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। यह फिल्म सिर्फ एक कॉमेडी ड्रामा नहीं थी बल्कि भावनाओं से भरी ऐसी कहानी थी जिसने परिवार और रिश्तों की अहमियत को नए अंदाज में पेश किया।
फिल्म में संजय दत्त ने मुन्ना का किरदार निभाया जबकि उनके पिता का रोल असल जिंदगी के पिता सुनील दत्त ने निभाया। रियल लाइफ बाप बेटे की यह जोड़ी जब स्क्रीन पर आई तो दर्शकों के लिए वह अनुभव बेहद खास बन गया। दोनों के बीच की केमिस्ट्री में एक सच्चाई और अपनापन साफ नजर आता था जो अभिनय से कहीं आगे था।
फिल्म की कहानी एक ऐसे बेटे की है जो अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए डॉक्टर बनने का नाटक करता है। हास्य के बीच छिपे भावनात्मक दृश्यों ने लोगों को गहराई से छुआ। खासकर वह पल जब पिता को बेटे की सच्चाई का पता चलता है और फिर भी उनका प्यार कम नहीं होता वह दृश्य आज भी याद किया जाता है।
यह फिल्म रिश्तों में विश्वास सम्मान और त्याग का संदेश देती है। संजय दत्त और सुनील दत्त की जोड़ी ने यह साबित किया कि असली भावनाएं पर्दे पर अलग ही असर छोड़ती हैं। यही वजह है कि यह फिल्म आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है और हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में गिनी जाती है।