US Talks जिनेवा:- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल उच्च-स्तरीय वार्ता के लिए जिनेवा पहुंच गया है जिसमें अमेरिका के साथ तनावपूर्ण संबंधों को कम करने और परमाणु समझौते पर पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
इस वार्ता में अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भाग लेंगे। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसाइदी मध्यस्थता करेंगे।रान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने कहा, “हम जिनेवा में होने वाली वार्ता के लिए आशावादी हैं और हमें लगता है कि यह ‘न युद्ध, न शांति’ की स्थिति से बाहर निकलने का एक अच्छा अवसर है।” अराघची ने कहा कि ईरान एक निष्पक्ष और त्वरित समझौते के लिए तैयार है, लेकिन वह अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि ईरान को अमेरिका की धमकियों को गंभीरता से लेना चाहिए और परमाणु हथियारों के विकास को रोकना चाहिए अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए हैं और मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। वार्ता का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना और क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच मतभेदों को देखते हुए समझौते की संभावना कम ही लगती है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागई ने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा और वह अपने अधिकारों के लिए लड़ता रहेगा।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के साथ समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वह ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देंगे। इस वार्ता के परिणाम का क्षेत्र और दुनिया पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।