गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में नेशनल हाईवे पर कथित रूप से लिखे गए एक विवादित संदेश को लेकर सामाजिक और राजनीतिक माहौल गरमा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार सड़क पर “मुसलमानों के लिए रोड नहीं है” जैसी आपत्तिजनक लिखावट सामने आई जिसके बाद यह मामला चर्चा और विवाद का विषय बन गया।
यह लिखावट कथित तौर पर हिन्दू रक्षा दल से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा की गई बताई जा रही है। संगठन के अध्यक्ष पिंकी चौधरी का एक बयान भी सामने आया जिसमें उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को नेशनल हाईवे इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। इस बयान के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और सार्वजनिक सड़कें किसी धर्म या समुदाय के आधार पर सीमित नहीं की जा सकतीं। ऐसे मामलों में प्रशासन आमतौर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जांच करता है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर अब यह जिम्मेदारी है कि घटना की सत्यता की जांच करे और यदि किसी प्रकार का कानून उल्लंघन पाया जाता है तो आवश्यक कार्रवाई की जाए। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री साझा न करें ताकि क्षेत्र में सौहार्द बना रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील मुद्दों पर संयमित संवाद और कानूनी प्रक्रिया ही लोकतांत्रिक समाज की मजबूती का आधार होती है। ऐसी घटनाएं समाज में विभाजन बढ़ा सकती हैं इसलिए प्रशासन और नागरिक दोनों की जिम्मेदारी है कि शांति और आपसी सम्मान बनाए रखें।