वाशिंगटन (अमेरिका):- अमेरिका में चर्चित एपस्टीन मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने हालिया सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले में उनसे सवाल करने के बजाय पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछताछ की जानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
यह विवाद अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले को लेकर फिर चर्चा में आया है। एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के शोषण और प्रभावशाली लोगों से संबंध रखने के गंभीर आरोप लगे थे। उनकी गिरफ्तारी और बाद में जेल में मौत के बाद से ही इस केस को लेकर कई तरह के सवाल और साजिश के आरोप सामने आते रहे हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि राजनीतिक कारणों से उनका नाम बार बार इस मामले से जोड़ा जाता है जबकि वास्तविक तथ्यों पर ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने संकेत दिया कि जांच एजेंसियों को उन लोगों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए जिनके एपस्टीन से सीधे संबंधों को लेकर सार्वजनिक रिकॉर्ड मौजूद हैं।
दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने क्लिंटन के बयान को राजनीतिक बचाव बताते हुए कहा कि एपस्टीन केस की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति को जांच से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए। अमेरिकी राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल के बीच यह मुद्दा फिर से राजनीतिक हथियार बन सकता है।
एपस्टीन मामला पिछले कई वर्षों से अमेरिका की राजनीति और न्याय व्यवस्था के लिए संवेदनशील विषय बना हुआ है। अब हिलेरी क्लिंटन के इस बयान के बाद यह बहस और तेज होने की संभावना है कि आखिर इस हाई प्रोफाइल केस में किन लोगों की भूमिका की गहन जांच होनी चाहिए।