Communal Harmony Kerala/तिरुवनंतपुरम: आगामी आट्टुकाल पोंगाला उत्सव से पहले पालयम मस्जिद के इमाम वी.पी. सुहैब मौलवी ने मुस्लिम समुदाय से एक भावुक अपील की है। उन्होंने शुक्रवार के खुतबे (भाषण) के दौरान कहा कि भले ही पोंगाला एक अलग आस्था का त्योहार है लेकिन इसमें शामिल होने वाली लाखों महिलाएं और बच्चे हमारे शहर के मेहमान हैं।
मुख्य अपडेट्स:
भाईचारे की मिसाल: इमाम ने कहा कि इस साल भी पोंगाला का त्योहार रमजान के पवित्र महीने के दौरान आ रहा है। उन्होंने अपील की कि रोजा रखने के बावजूद, मुस्लिम समुदाय को अपने हिंदू भाइयों-बहनों के लिए पीने के पानी, भोजन और आराम करने की व्यवस्था करनी चाहिए।
मस्जिदों के दरवाजे खुले: इमाम ने स्पष्ट रूप से कहा, “हमारी मस्जिदें और हमारे घर इन भक्तों के लिए खुले रहने चाहिए। यह हमारे प्यार और भाईचारे को दुनिया के सामने दिखाने का सबसे अच्छा अवसर है।”
नफरत का जवाब प्यार: उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया में बढ़ते डर और नफरत (इस्लामोफोबिया) का मुकाबला केवल प्यार और सद्भावना से ही किया जा सकता है।
क्या है आट्टुकाल पोंगाला?
आट्टुकाल पोंगाला दुनिया में महिलाओं के सबसे बड़े धार्मिक जमावड़ों में से एक माना जाता है। इस दिन लाखों महिलाएं सड़कों पर चूल्हा जलाकर देवी को ‘पोंगाला’ (मीठे चावल का प्रसाद) अर्पित करती हैं। इस बार यह उत्सव 3 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। सोशल मीडिया पर लोग इमाम के इस कदम को “असली केरल स्टोरी” बता रहे हैं जो नफरत के दौर में एकता और सह-अस्तित्व का संदेश देता है।