Incendiary Munitions Attack 2026 : रिहायशी इलाके पर गिराया 1500 किलो का प्रतिबंधित फास्फोरस बम, आसमान से बरसी ‘सफेद मौत’

Incendiary Munitions Attack 2026/रूस:- रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने अब एक ऐसा खौफनाक मोड़ ले लिया है जिसने पूरी मानवता को झकझोर कर रख दिया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी वायुसेना ने यूक्रेन के एक घनी आबादी वाले रिहायशी शहर पर 1500 किलोग्राम का प्रतिबंधित सफेद फास्फोरस बम गिराया है। इस हमले के बाद पूरे शहर में तबाही का मंजर है और आसमान से गिरती ‘सफेद लपटों’ ने मासूम नागरिकों को अपनी चपेट में ले लिया है।

क्या है फास्फोरस बम और क्यों है यह प्रतिबंधित?

सफेद फास्फोरस एक अत्यंत ज्वलनशील और घातक रसायनिक पदार्थ है। हवा के संपर्क में आते ही यह 1500°C से अधिक के तापमान पर जलने लगता है।

असहनीय दर्द: यह इंसानी मांस को हड्डियों तक जला देता है और इसे पानी से बुझाना लगभग असंभव होता है।

अंतरराष्ट्रीय कानून: ‘जेनेवा कन्वेंशन’ के तहत रिहायशी इलाकों में फास्फोरस बमों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसे युद्ध अपराध (War Crime) की श्रेणी में रखा जाता है।

आधी रात को हुआ हमला, दहल गया शहर

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब लोग अपने घरों में सो रहे थे। 1500 किलो के इस विशाल बम के फटने से कई किलोमीटर तक आग की लपटें फैल गईं। स्थानीय चश्मदीदों का कहना है कि धमाके के बाद ऐसा लगा जैसे आसमान से आग की बारिश हो रही हो। दर्जनों इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं और हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

वैश्विक स्तर पर आक्रोश

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने इस हमले को ‘नरसंहार’ करार देते हुए संयुक्त राष्ट्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि 1500 किलो के बम का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि रूस अब युद्ध को निर्णायक लेकिन बेहद अमानवीय स्तर पर ले जाना चाहता है। यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस पर कड़ा रुख नहीं अपनाया, तो यह घटना 21वीं सदी के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक बन सकती है।

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