High Tension Wire Accident /चंदवक (जौनपुर):- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के चंदवक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरैछे गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब एक मासूम बच्चे की करंट लगने से मौत की खबर घर पहुंची। जन्मदिन के जश्न में शामिल होने गया 7 वर्षीय बालक काल के गाल में समा गया। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का विवरण: मौसा के घर गया था मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंदवक थाना क्षेत्र के बरैछे गांव निवासी सुजीत यादव का 7 वर्षीय पुत्र अभी शनिवार को अपने परिजनों के साथ गाजीपुर जिले के सैदपुर स्थित अपने मौसा के घर गया था। वहां परिवार के एक सदस्य के जन्मदिन का समारोह था। घर में उत्सव का माहौल था, मेहमानों का आना-जाना लगा था और बच्चे खेल रहे थे। इसी बीच, खेलते-खेलते मासूम ‘अभी’ घर की छत पर चला गया।
छत के ऊपर मौत का जाल: 11000 वोल्ट का कहर
बताया जा रहा है कि जिस घर में कार्यक्रम चल रहा था, उसकी छत के ठीक ऊपर से 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। मासूम बच्चा अनजाने में इस जानलेवा तार के संपर्क में आ गया। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आते ही वह बुरी तरह झुलस गया और वहीं अचेत होकर गिर पड़ा।परिजनों को जैसे ही घटना की भनक लगी, चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में मासूम को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, करंट इतना शक्तिशाली था कि मासूम के शरीर को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सुजीत यादव के दो बच्चे थे—एक बेटा और एक बेटी। इस घटना में उन्होंने अपने इकलौते बेटे को खो दिया है। शनिवार शाम हुई इस दुर्घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जो घर कुछ घंटों पहले हंसी-ठिठोली और बधाइयों से गूंज रहा था, वहां अब केवल सन्नाटा और अपनों की चीखें सुनाई दे रही हैं। रविवार सुबह जब मासूम का शव गांव पहुंचा, तो हर आंख नम थी।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश: बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों और बरैछे गांव के निवासियों में गहरा रोष पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रिहाइशी इलाकों और घरों की छतों के इतने करीब से हाईटेंशन तारों का गुजरना सीधे तौर पर बिजली विभाग की लापरवाही है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
घनी आबादी और घरों के ऊपर से गुजरने वाले खतरनाक तारों को तुरंत हटाया जाए। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ऐसे संवेदनशील मामलों को अनदेखा करता है, जिसका खामियाजा मासूम बच्चों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ता है।