New Military Chief Iran : ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी बने आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ, युद्ध के बीच संभाली कमान

New Military Chief Iran/तेहरान:- अमेरिका और इस्राइल के भीषण हवाई हमलों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व के सफाए के बाद इस्लामिक रिपब्लिक ने अपने सबसे अनुभवी और ‘हार्डलाइनर’ जनरल अहमद वाहिदी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ईरान अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का शोक मना रहा है और पूरे क्षेत्र में महायुद्ध के बादल मंडरा रहे हैं।

कौन हैं अहमद वाहिदी?

ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी (67) ईरान के सुरक्षा तंत्र के सबसे पुराने और शक्तिशाली चेहरों में से एक हैं। उन्हें ‘रणनीतिकार’ और ‘ऑपरेशंस का मास्टर’ माना जाता है।

कुद्स फोर्स के पहले कमांडर: वाहिदी 1988 में स्थापित ईरान की एलीट कुद्स फोर्स (विदेशी अभियानों वाली इकाई) के पहले कमांडर थे।

रक्षा और आंतरिक मंत्री: वे पूर्व में ईरान के रक्षा मंत्री और हाल ही में आंतरिक मंत्री (Interior Minister) के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

अनुभव का केंद्र: 31 दिसंबर 2025 को उन्हें IRGC का डिप्टी कमांडर नियुक्त किया गया था, लेकिन हालिया हमलों में प्रमुख सैन्य अधिकारियों की मौत के बाद अब उन्हें पूरी सेना की कमान सौंप दी गई है।

विवादों से पुराना नाता और इंटरपोल का रेड नोटिस

अहमद वाहिदी केवल ईरान में ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहे हैं।

AMIA बमबारी: अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में 1994 में हुए यहूदी केंद्र (AMIA) पर हमले में उनकी कथित भूमिका के लिए वे इंटरपोल के रेड नोटिस पर हैं।

पश्चिमी प्रतिबंध: अमेरिका और यूरोपीय संघ ने मानवाधिकारों के उल्लंघन और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े होने के कारण उन पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं।

वाहिदी की नियुक्ति के क्या हैं मायने?

सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि वाहिदी को कमान सौंपना इस बात का संकेत है कि ईरान अब ‘रक्षात्मक’ के बजाय ‘आक्रामक’ मुद्रा अपनाने वाला है।

कठोर प्रतिशोध की तैयारी: वाहिदी को प्रॉक्सी वॉर (proxy war) और मिसाइल तकनीक का विशेषज्ञ माना जाता है। उनकी नियुक्ति का मतलब है कि ईरान अब हिजबुल्लाह, हुती और अन्य समूहों के जरिए अमेरिका और इस्राइल पर बड़े हमले कर सकता है।

नेतृत्व का संकट दूर करना: खामेनेई और कई जनरल के मारे जाने के बाद सेना में फैले भ्रम को दूर करने के लिए वाहिदी जैसे अनुभवी व्यक्ति की जरूरत थी।

ईरानी सेना की पहली हुंकार

कमान संभालते ही अहमद वाहिदी ने अपने पहले संबोधन में कहा, “दुश्मन ने हमारे नेता को हमसे छीना है लेकिन वह हमारे संकल्प को नहीं छीन सकता। हर कतरे का हिसाब लिया जाएगा और प्रतिशोध ऐसा होगा जिसे इतिहास याद रखेगा।” उनके इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी ठिकानों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

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