Aramco Strike : सऊदी अरब की ‘लाइफलाइन’ पर ईरान का बड़ा प्रहार: रास तानुरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, अरामको ने रोकी तेल सप्लाई

Aramco Strike/दुबई:-मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरियों में शुमार ‘रास तानुरा’ पर सोमवार सुबह ईरान द्वारा आत्मघाती ड्रोन हमले किए गए। इस हमले के बाद सुरक्षा कारणों से सऊदी अरामको ने रिफाइनरी के संचालन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 9% से अधिक का उछाल देखा गया है।

कैसे हुआ हमला?

सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान की ओर से दागे गए कई शहीद-136 ड्रोनों ने रास तानुरा सुविधा को निशाना बनाया। हालांकि सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने इनमें से अधिकांश ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है, लेकिन ड्रोनों के मलबे गिरने से रिफाइनरी के एक हिस्से में भीषण आग लग गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रिफाइनरी परिसर से काले धुएं का विशाल गुबार उठते हुए देखा जा सकता है।

एमबीएस के ‘विजन’ और अरामको पर असर

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) की महत्वाकांक्षी अर्थव्यवस्था का आधार मानी जाने वाली कंपनी सऊदी अरामको के लिए यह एक बड़ा झटका है। रास तानुरा रिफाइनरी की क्षमता प्रतिदिन 5,50,000 बैरल कच्चे तेल को रिफाइन करने की है।

उत्पादन ठप: सुरक्षा को देखते हुए अरामको ने एहतियातन रिफाइनरी के परिचालन को पूरी तरह रोक दिया है।

वैश्विक संकट: रास तानुरा न केवल एक रिफाइनरी है, बल्कि यह दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री तेल टर्मिनल भी है। यहाँ से एशिया और यूरोप के लिए तेल लोड किया जाता है। इसके बंद होने से सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।

ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध का विस्तार

यह हमला अकेले नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ईरान पर हुए हालिया इजरायली और अमेरिकी हमलों का जवाबी पलटवार है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने केवल सऊदी ही नहीं, बल्कि कुवैत, यूएई और बहरीन में भी विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान का यह कदम दुनिया को यह संदेश देना है कि यदि उसकी तेल सुविधाओं या संप्रभुता पर हमला हुआ तो वह पूरे क्षेत्र की ऊर्जा अर्थव्यवस्था को पंगु बना देगा।

बाजार में खलबली

इस खबर के आते ही ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह रिफाइनरी लंबे समय तक बंद रहती है, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है। फिलहाल अरामको की तकनीकी टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।

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