मिडिल ईस्ट तनाव का भारत पर असर गृह मंत्रालय अलर्ट पर कश्मीर में इंटरनेट पाबंदी

नई दिल्ली :- मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान पर अमेरिका तथा इजराइल के हमलों के बाद भारत सरकार ने देशभर में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट जारी करते हुए संभावित सांप्रदायिक तनाव और अफवाहों के खतरे को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

 

रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों का “रिपल इफेक्ट” भारत के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन को सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अग्रिम तैयारी करने को कहा गया है।

 

सुरक्षा एजेंसियों ने खास तौर पर जम्मू कश्मीर में अतिरिक्त सतर्कता अपनाई है। एहतियात के तौर पर कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट की गति सीमित कर दी गई है ताकि भड़काऊ सामग्री या अफवाहों के प्रसार को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

 

गृह मंत्रालय ने राज्यों को संवेदनशील धार्मिक स्थलों बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को भी सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज करने को कहा गया है ताकि किसी भी गलत सूचना को समय रहते रोका जा सके।

 

इधर केंद्र सरकार ने विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार निगरानी बनाए रखी है। विदेश मंत्रालय पहले ही भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दे चुका है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का असर कई बार सामाजिक माहौल पर भी पड़ता है इसलिए समय रहते एहतियाती कदम उठाना जरूरी होता है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक संदेश साझा करने से बचें।

 

देशभर में फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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