SRK Influence/मुंबई:-बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक अनुभव सिन्हा जिन्हें आज उनकी गंभीर और सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों (जैसे आर्टिकल 15 और मुल्क) के लिए जाना जाता है, ने हाल ही में सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ काम करने के अपने अनुभवों पर खुलकर बात की है। एक विशेष साक्षात्कार में अनुभव सिन्हा ने साल 2011 की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘रा-वन’ (Ra.One) की मेकिंग को याद करते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने स्वीकार किया कि उस फिल्म के दौरान कई बार उनकी अपनी रचनात्मक सोच पर शाहरुख खान का प्रभाव इतना गहरा था कि उन्होंने कई बड़े फैसले सिर्फ इसलिए ले लिए क्योंकि शाहरुख उन्हें ऐसा करने के लिए कह रहे थे।
‘किंग खान’ के प्रति अटूट विश्वास
अनुभव सिन्हा ने बताया कि शाहरुख खान न केवल एक बेहतरीन अभिनेता है बल्कि तकनीकी पहलुओं और वीएफएक्स (VFX) की दुनिया में उनकी समझ अपने समय से काफी आगे है। सिन्हा ने कहा, “जब हम रा-वन बना रहे थे, तब वह भारत की सबसे महंगी फिल्म थी। उस समय शाहरुख के पास विजन था। सेट पर ऐसी कई स्थितियां आईं जब मेरा मन कुछ और कह रहा था लेकिन मैंने अपने फैसलों को बदल दिया। मैंने वो फैसले सिर्फ इसलिए लिए क्योंकि शाहरुख कह रहे थे और मुझे उन पर पूरा भरोसा था।” उन्होंने आगे जोड़ा कि शाहरुख की ऊर्जा और फिल्म के प्रति उनका जुनून इतना संक्रामक होता है कि निर्देशक के तौर पर आप उनकी बातों को नजरअंदाज नहीं कर पाते।
‘रा-वन’ का वो दौर और चुनौतियां
‘रा-वन’ भारतीय सिनेमा की पहली ऐसी फिल्मों में से एक थी जिसने सुपरहीरो और हाई-एंड तकनीक को इतने बड़े स्तर पर पेश किया था। अनुभव सिन्हा ने याद किया कि उस समय आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा था, लेकिन शाहरुख खान फिल्म की मार्केटिंग और तकनीक को लेकर बहुत स्पष्ट थे। सिन्हा ने हंसते हुए कहा, “शाहरुख खान सिर्फ एक एक्टर नहीं हैं, वह एक संस्थान हैं। जब वह कुछ कहते हैं, तो उसके पीछे उनकी सालों की समझ और दुनिया देखने का नजरिया होता है। हालांकि एक फिल्म निर्माता के तौर पर मैं अब अपनी फिल्मों को लेकर बहुत सख्त हो गया हूँ, लेकिन रा-वन के दौरान शाहरुख के सामने ‘ना’ कहना मुश्किल था।”
शाहरुख की कार्यशैली की प्रशंसा
अनुभव सिन्हा ने शाहरुख खान की कार्यशैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि कैसे शाहरुख घंटों सेट पर बिताते थे और हर छोटे शॉट को परफेक्ट बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देते थे। सिन्हा के अनुसार, शाहरुख का आत्मविश्वास ही था जिसने उन्हें ‘रा-वन’ जैसी जटिल फिल्म को निर्देशित करने का हौसला दिया।
क्या फिर साथ आएंगे दोनों दिग्गज?
इस खुलासे के बाद फिल्म गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अनुभव सिन्हा और शाहरुख खान दोबारा किसी प्रोजेक्ट के लिए साथ आएंगे। जहां अनुभव सिन्हा अब ‘थप्पड़’ और ‘भीड़’ जैसी यथार्थवादी फिल्मों के मास्टर माने जाते हैं, वहीं शाहरुख खान भी अपने करियर के इस पड़ाव पर बेहतरीन स्क्रिप्ट्स की तलाश में हैं। फैन्स को उम्मीद है कि यदि यह जोड़ी फिर से साथ आती है, तो इस बार अनुभव सिन्हा का ‘यथार्थवाद’ और शाहरुख खान का ‘स्वैग’ मिलकर सिनेमाई पर्दे पर कोई बड़ा चमत्कार जरूर करेंगे।