नई दिल्ली :- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है और इसका सीधा प्रभाव सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है। यह लगातार पांचवां कारोबारी दिन है जब दोनों कीमती धातुओं के दाम में तेजी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता बढ़ने से निवेशक जोखिम भरे विकल्पों से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे माहौल में सोना और चांदी पारंपरिक रूप से भरोसेमंद माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भू राजनीतिक अस्थिरता के समय निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए बहुमूल्य धातुओं में निवेश बढ़ा देते हैं। इससे मांग में तेजी आती है और कीमतें ऊपर जाती हैं। डॉलर में उतार चढ़ाव और कच्चे तेल की स्थिति भी कीमती धातुओं के दाम को प्रभावित कर रही है। घरेलू बाजार में भी अंतरराष्ट्रीय रुझानों का असर देखने को मिल रहा है जिससे सर्राफा कारोबारियों के बीच हलचल बढ़ गई है।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबा खिंचता है तो सोने और चांदी की कीमतों में और मजबूती देखी जा सकती है। हालांकि बाजार में उतार चढ़ाव बना रह सकता है लेकिन फिलहाल निवेशकों का रुझान सुरक्षित विकल्पों की ओर झुका हुआ है। आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और केंद्रीय बैंकों की नीतियां इन धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।