Board exams : संतुलित रहा हिंदी का पेपर, व्याकरण ने थोड़ा उलझाया; जानें छात्रों और विशेषज्ञों की राय

Board exams /नई दिल्ली:-केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आज सोमवार को देशभर के परीक्षा केंद्रों पर कक्षा 10वीं की हिंदी (कोर्स ‘ए’ और कोर्स ‘बी’) की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रारंभिक फीडबैक के अनुसार, परीक्षा का समग्र स्तर ‘आसान से मध्यम’ (Easy to Moderate) रहा। जहां अधिकांश छात्रों ने पेपर को संतुलित और सीधा बताया, वहीं व्याकरण अनुभाग में कुछ प्रश्नों ने छात्रों की दिमागी कसरत करवाई।

पेपर का स्वरूप और समय प्रबंधन

परीक्षा सुबह 10:30 बजे शुरू हुई और दोपहर 1:30 बजे समाप्त हुई। प्रश्न पत्र कुल 80 अंकों का था, जिसे हल करने के लिए छात्रों को 3 घंटे का समय दिया गया था। छात्रों के अनुसार, पेपर एनसीईआरटी (NCERT) के पाठ्यक्रम पर आधारित था और अधिकांश प्रश्न सैंपल पेपर्स के पैटर्न के अनुरूप ही थे। अच्छी तैयारी करने वाले अधिकांश छात्र समय से पहले या समय पर पेपर पूरा करने में सफल रहे।

अनुभाग-वार विश्लेषण (Section-wise Analysis)

पठन खंड (Reading Section): अपठित गद्यांश और काव्यांश को छात्रों ने काफी आसान बताया। प्रश्न सीधे तौर पर गद्यांश से जुड़े थे, जिससे छात्रों को उत्तर ढूंढने में अधिक कठिनाई नहीं हुई।

व्याकरण खंड (Grammar Section): विशेषज्ञों और छात्रों दोनों का मानना है कि व्याकरण का हिस्सा थोड़ा ‘ट्रिकी’ (Tricky) था। पद-परिचय, वाच्य और मुहावरों से जुड़े कुछ बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) वैचारिक समझ पर आधारित थे। शिक्षकों के अनुसार, यह खंड रटने के बजाय छात्रों की भाषा पर पकड़ को परखने वाला था।

साहित्य खंड (Literature Section): क्षितिज, कृतिका, स्पर्श और संचयन जैसी पाठ्यपुस्तकों से पूछे गए प्रश्न सीधे और सरल थे। हालांकि, कुछ दीर्घ-उत्तरीय प्रश्नों में विश्लेषणात्मक सोच की आवश्यकता थी, लेकिन वे पूरी तरह पाठ्यक्रम के भीतर से ही थे।

लेखन खंड (Writing Section): रचनात्मक लेखन में ई-मेल लेखन, विज्ञापन और अनुच्छेद लेखन जैसे विषय काफी समसामयिक और रोचक रहे। छात्रों ने बताया कि विषय स्पष्ट थे, जिससे उन्हें अपने विचार व्यक्त करने में आसानी हुई।

छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया

दिल्ली के एक निजी स्कूल की छात्रा मारिया टीन ने बताया “पेपर उम्मीद के मुताबिक ही था। साहित्य और लेखन खंड काफी स्कोरिंग थे, लेकिन व्याकरण के कुछ हिस्सों को हल करने में मुझे थोड़ा अधिक समय लगा।” वहीं हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष लक्ष्मी पायल के अनुसार, “पेपर बहुत अच्छी तरह से सेट किया गया था। यह उन छात्रों के लिए बेहतरीन था जिन्होंने एनसीईआरटी किताबों का गहराई से अध्ययन किया है। व्याकरण में मुहावरों पर आधारित एक-दो प्रश्न थोड़े घुमावदार थे, जो मेधावी छात्रों की पहचान करने के लिए जरूरी हैं।”

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