Exams postponed/नई दिल्ली:- मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण आपातकालीन घोषणा की है। बोर्ड ने पश्चिम एशिया (West Asia) क्षेत्र के कई देशों में होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। यह निर्णय ईरान और इजरायल के बीच जारी सीधे संघर्ष और क्षेत्र में सुरक्षा के गंभीर खतरों को देखते हुए लिया गया है।
किन देशों में परीक्षाएं हुईं स्थगित?
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, प्रभावित होने वाले देशों में बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि:
5 और 6 मार्च, 2026 को होने वाली सभी परीक्षाएं फिलहाल टाल दी गई हैं।
इससे पहले 2 मार्च को होने वाली परीक्षाओं को भी 1 मार्च को ही स्थगित कर दिया गया था।
नई तारीखों की घोषणा स्थिति सामान्य होने और सुरक्षा समीक्षा के बाद की जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले शनिवार (28 फरवरी) को ईरान पर हुए बड़े हमलों और उसके बाद ईरान की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई के कारण खाड़ी देशों में हवाई क्षेत्र (Airspace) आंशिक रूप से बंद कर दिए गए हैं। कई जगहों पर संचार सेवाएं बाधित हैं और छात्र-शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।
सीबीएसई ने अपने बयान में कहा:
“छात्रों और परीक्षा कर्मचारियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में मौजूदा अस्थिरता और आवाजाही में आ रही दिक्कतों के कारण परीक्षाओं को सुचारू रूप से संचालित करना फिलहाल संभव नहीं है।”
छात्रों और अभिभावकों में बेचैनी
इस फैसले ने हजारों भारतीय प्रवासी छात्रों को अनिश्चितता के भंवर में डाल दिया है। परीक्षा के बीच में इस तरह का व्यवधान छात्रों के मानसिक दबाव को बढ़ा रहा है। कई अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं, लेकिन साथ ही उन्हें इस बात की भी चिंता है कि देरी से शैक्षणिक सत्र और भविष्य की प्रवेश परीक्षाओं पर क्या असर पड़ेगा।
केरल बोर्ड ने भी टालीं परीक्षाएं
सीबीएसई के अलावा, केरल सरकार ने भी खाड़ी देशों में स्थित अपने केंद्रों पर होने वाली SSLC (10वीं) और प्लस दो (12वीं) की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने पुष्टि की कि खाड़ी क्षेत्र में रह रहे हजारों मलयाली छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाना अनिवार्य था।
अगला कदम और समीक्षा
सीबीएसई ने कहा है कि वह 5 मार्च को फिर से स्थिति की समीक्षा करेगा ताकि यह तय किया जा सके कि 7 मार्च से होने वाली परीक्षाएं अपने निर्धारित समय पर होंगी या नहीं। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी ‘फेक न्यूज़’ या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी सर्कुलर से बचें और केवल आधिकारिक वेबसाइट (cbse.gov.in) पर ही भरोसा करें।